बिग ब्रेकिंग छत्तीसगढ़ // ऋचा जोगी पर FIR : जाति प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा साबित हुआ,

बिग ब्रेकिंग छत्तीसगढ़ // ऋचा जोगी पर FIR : जाति प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा साबित हुआ,

छत्तीसगढ़ प्रदेश ब्यूरो (रायपुर ) : छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी के विरुध्द मुंगेली थाने में FIR दर्ज की गई है। ऋचा जोगी के विरुद्ध आरोप है कि उन्होंने खुद को गोंड जाति का बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, जो कि गलत था। राज्य स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति अनुसूचित जाति विकास ने इस संबंध में कार्रवाई के आदेश कलेक्टर को दिए थे।

विदित हो कि वर्ष 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद मरवाही विधानसभा सीट रिक्त हुई थी। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी ने चुनाव लड़ने अपना नामांकन दाखिल किया था। जमा किए प्रमाण पत्र में उन्होंने ऋचा रूपाली साधु के नाम से जाति प्रमाण पत्र जमा किया था। वर्ष 2021 में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के गोंड अनुसूचित जनजाति के स्थायी प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था। उस दौरान उच्च स्तरीय छानबीन समिति के अध्यक्ष डीडी सिंह थे। उन्होंने जांच में पाया था कि ऋचा जोगी के पिता क्रिश्चियन थे। समिति ने सभी पक्षों की सुनवाई करने के बाद यह फैसला लिया है।

अधिनियम 2013 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज

अब ऋचा जोगी के खिलाफ सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि ऋचा रुपाली साधु (शादी से पहले का नाम) ने अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तैयार कर इसे उपयोग किया। ऋचा के खिलाफ सामाजिक प्रस्थिति प्रमाणीकरण अधिनियम 2013 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

जांच समिति ने प्रमाण पत्र को ठहराया अवैध

विदित हो कि अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी को मुंगेली जिले के जरहागांव तहसील के पेंड्रीडीह गांव से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी किया गया है। शिकायत मिलने पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने जांच की। इसमें ऋचा के प्रमाणपत्र को अवैध ठहराते हुए इसे निरस्त करने के लिए आदेशित किया गया था। वहीं मुंगेली के जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया था।

उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति ने इससे पहले भी ऋचा जोगी के ससुर और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का भी प्रमाण पत्र खारिज किया था। छानबीन समिति ने अपने फैसले में जिन तथ्यों का उल्लेख किया, उसमें ऋचा जोगी के पुरखों की जाति की पूरी कहानी धर्मांतरण की परतों में उलझकर रह गई थी। जाति प्रमाण पत्र के समर्थन में ऋचा जोगी ने अपने पुरखों को मुंगेली जिले के पेण्ड्रीडीह गांव का निवासी होना बताया है। समिति ने जांच में पाया कि उनके पूर्वज वर्णवासी साधू थे, जिन्होंने बलौदाबाजार के विश्रामपुर में 1940 में जमीन खरीदे थे।

अंग्रेजी स्कूल में भी क्रिश्चियन दर्ज
समिति ने अपने जांच पृष्ठों में यह भी उल्लेख किया है कि बलौदाबाजार के इंग्लिश मिडिल स्कूल में उनके पूर्वज का नाम दर्ज है, जहां जाति में क्रिश्चियन लिखा है। खुद ऋचा जोगी के स्कूली दस्तावेजों के जाति कॉलम में क्रिश्चियन दर्ज है। जमीन खरीदी-बिक्री के 12 दस्तावेजों में खुद ऋचा जोगी और उनके पूर्वज खुद को ईसाई (जन्म से गैर आदिवासी) बता चुके हैं।