अलीगढ़ में हिजाब नहीं पहनने पर 3 साल की बच्ची को स्कूल से निकाला, पिता का आरोप- नहीं सिखाई जाती हिंदी

अलीगढ़ में हिजाब नहीं पहनने पर 3 साल की बच्ची को स्कूल से निकाला, पिता का आरोप- नहीं सिखाई जाती हिंदी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पहली क्लास की बच्ची को हिजाब नहीं पहनने पर इस्लामिक मिशन स्कूल ने सजा के तौर पर स्कूल से ही निकाल दिया. इस मामले की शिकायत खुद बच्ची के पिता ने की है. बच्ची के पिता का ये भी कहना है कि उनकी बेटी को स्कूल में हिंदी भी नहीं पढ़ाई जा रही थी. वहीं जब इस मामले की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को लगी तो मंगलवार को शिक्षा अधिकारी ने एक टीम को जांच के लिए भेजा. जहां उन्होंने दोनों पक्षो के बयान दर्ज किए. बुधवार को कमेटी अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपेगी.

शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में एक कमेटी बनाकर जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. मंगलवार को कमेटी की टीम स्कूल पहुंची और अपनी जांच शुरू की. जांच कमेटी के अनुसार बच्ची का नाम स्कूल से नहीं काटा गया है. बच्ची अभी इस स्कूल की छात्रा है. लेकिन वहीं परिजन अब बच्ची को स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते हैं.

हिजाब नहीं पहनने पर बच्ची को स्कूल से किया गया निष्कासित

बच्ची की पूरी फीस वापस करे स्कूल

परिजनों का कहना है कि अब वो अपनी बच्ची को इस स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते हैं. परिजनों की स्कूल से मांग की वो बच्ची की पूरी फीस वापस करने के साथ ही यूनिफॉर्म का पैसा और कॉपी किताब का पैसा पूरा वापस करे. जिस पर स्कूल प्रबंधन उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार हो गया है. वहीं बुधवार को अंतिम कार्रवाई होने के बाद जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपेगी. जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट जिलाधिकारी को पेश की जाएगी.

स्कूल में नहीं कराया जाता राष्ट्रगान

शिकायतकर्ता और बच्ची के पिता मो. आमिर ने अपनी शिकायत में कहा था कि बच्ची को स्कूल में ना तो हिंदी सिखाई जाती है और ना ही राष्ट्रगान कराया जाता है. बच्ची के पिता ने डीएम इंद्रविक्रम सिंह को दिए शिकायत पत्र में बताया है कि बच्ची अभी तक हिन्दी के शब्दों को नहीं पहचान पाती है. जब बच्ची से उन्होंने जानकारी ली तो उसने बताया कि स्कूल में सिर्फ उर्दू ही पढ़ाई जाता है. बाद में प्रबंधन से बहस भी हुई और शिक्षकों ने बच्ची को स्कूल से निकालने की हिदायत दी थी. अब स्कूल प्रशासन ने नर्सरी क्लास की बच्ची को स्कूल से निकाल दिया है. जिसके बाद ही जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे.