राजनाथ सिंह बोले, 1971 के युद्ध ने दिखाई राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, जानें सशस्त्र बलों के एकीकरण पर क्या कहा

राजनाथ सिंह बोले, 1971 के युद्ध ने दिखाई राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, जानें सशस्त्र बलों के एकीकरण पर क्या कहा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 1971 का युद्ध न केवल सशस्त्र बलों के लिए बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी पूरे सरकार के दृष्टिकोण का बेहतरीन उदाहरण है। नई दिल्ली में पीसी लाल मेमोरियल लेक्चर में अपने संबोधन के दौरान बोलते हुए , सिंह ने कहा, "1971 का युद्ध न केवल सशस्त्र बलों के लिए बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी पूरे सरकार के दृष्टिकोण का बेहतरीन उदाहरण है।" इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के एकीकरण की चल रही प्रक्रिया का उद्देश्य न केवल हमारी संयुक्त क्षमता बल्कि हमारी दक्षता को भी आगे बढ़ाना है।
 

महंगे हथियारों की नहीं है जरूरत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी गुरुवार को पीसी लाल मेमोरियल लेक्चर में शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने इस दौरान कहा कि "यह हमेशा जरूरी नहीं है कि अधिक महंगे हथियार प्रणालियों को खरीदा जाए। यह हथियार प्रणालियों के दक्षतापूर्ण इस्तेमाल की बात है जो हमें युद्ध में बढ़त देता है।" सिंह ने इसी के साथ भारतीय वायु सेना को एक 'एयरोस्पेस बल' बनने और देश को उभरते खतरों से बचाने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।